Registry हो गई है, लेकिन जमीन के रिकॉर्ड में अभी भी पुराने मालिक का नाम है, क्या करें?« Back to Previous Page

दोस्तों अगर आपने नई जमीन खरीदी है और जमीन के रजिस्ट्री के बाद भी आपके रिकॉर्ड में जमीन के मालिक के जगह आपका नाम नहीं दिख रहा है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जमीन के रजिस्ट्री के बाद भी जमीन के कागज आपका नाम न होने के कई कारण हो सकते हैं और उन सभी कारणों के बारे में हम आज विस्तार से समझेंगे साथ ही साथ आपकी समस्या का समाधान भी जानेंगे।

कई बार रजिस्ट्री और जमीन के सारे कागजात में नाम दर्ज होने के बावजूद भी ऑनलाइन रिकॉर्ड में पुराने ही मालिक का नाम दिखाई देता है ऐसी स्थिति में हमें यह जानना बेहद जरूरी है की रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण हुआ है या नहीं। इसके लिए आप हमारे आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें और बताई गई हर एक प्रक्रिया को अपने तभी जाकर आपके जमीन के रिकॉर्ड में आपका नाम दिखाई देगा और आप पूरी प्रक्रिया समझ पाएंगे।

रजिस्ट्री के बाद पुराने मालिक का नाम क्यों दिखता हैं?

रजिस्ट्री के बाद पुराने मालिक के नाम दिखने के कई कारण हो सकते हैं:

  • अगर आपने जमीन की रजिस्ट्री करवा ली है पर अभी तक जमीन का म्युटेशन यानी कि नामांतरण नहीं करवाया है तो जमीन के कागज में पुराने मालिक का नाम दिखता हैं।
  • ऐसा भी हो सकता है कि आपने म्यूटेशन के लिए आवेदन तो कर दिया है लेकिन आपका आवेदन अभी तक पेंडिंग पड़ा हो।
  • इसके अलावा अगर आपकी जमीन के रिकॉर्ड में कोई गलती है या किसी ने आपके जमीन पर कोई आपत्ति दर्ज की है या फिर आपने गलत दस्तावेज जमा दिए हो तो भी आपके जमीन नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है।

रजिस्ट्री के बाद क्या करना चाहिए?


अगर जमीन के रजिस्ट्री के बाद आमतौर पर सबसे पहले म्यूटेशन करवाना चाहिए तभी जमीन को नए मालिक के नाम पर करने की प्रक्रिया पूरी मानी जाती है।

  • अगर आपने म्यूटेशन के लिए आवेदन कर दिया है एक बार आपको संबंधित विभाग में जाकर अपने म्यूटेशन की स्थिति पता करनी चाहिए।
  • म्यूटेशन को अलग-अलग राज्यों में नामांतरण, दाखिल खारिज या अन्य बोलचाल की भाषाओं के आधार पर जाना जाता है यदि आपने म्यूटेशन नहीं किया है तो अपने राज्य में लागू ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रक्रिया को अपना कर पहले नामांतरण के लिए आवेदन करें।
  • रजिस्ट्री के बाद आमतौर पर आपको अपनी रजिस्टर्ड सेल डीड और जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज के साथ राजस्व विभाग की प्रक्रिया को पालन करना चाहिए।
  • ध्यान रहे की म्यूटेशन या जमीन नामांतरण की प्रक्रिया हर राज्यों के लिए अलग-अलग होती है एवं अगर आप यह ऑनलाइन प्रक्रिया कर रहे हैं तो अपने राज्य के ऑफिसियल वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।

रजिस्ट्री और म्यूटेशन में क्या अंतर है?

आधाररजिस्ट्री (Registry)म्यूटेशन / नामांतरण (Mutation)
रजिस्ट्री क्या है?जब कोई व्यक्ति जमीन, प्लॉट या मकान खरीदता है, तो खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज को सरकारी कार्यालय में दर्ज कराने की प्रक्रिया को रजिस्ट्री कहते हैं।जमीन खरीदने या मालिक बदलने के बाद सरकारी जमीन रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को म्यूटेशन या नामांतरण कहते हैं।
रजिस्ट्री क्यों की जाती है?जमीन या संपत्ति के खरीद-बिक्री या हस्तांतरण को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए।सरकारी भूमि रिकॉर्ड में यह दिखाने के लिए कि जमीन के रिकॉर्ड में अब नए मालिक का नाम दर्ज है।
रजिस्ट्री कब होती है?आमतौर पर जमीन या मकान खरीदते समय रजिस्ट्री कराई जाती है।आमतौर पर रजिस्ट्री के बाद, या विरासत, दान आदि के कारण मालिक बदलने पर म्यूटेशन कराया जाता है।
रजिस्ट्री में किसका नाम बदलता है?रजिस्टर्ड दस्तावेज में खरीदार और विक्रेता की जानकारी दर्ज होती है और संपत्ति के हस्तांतरण का रिकॉर्ड बनता है।भूमि रिकॉर्ड में पुराने मालिक के नाम की जगह नए मालिक का नाम दर्ज या अपडेट किया जाता है।
रजिस्ट्री कहां होती है?आमतौर पर Registration Office या Sub-Registrar Office में।आमतौर पर संबंधित राजस्व विभाग या भूमि रिकॉर्ड कार्यालय में।
कौन आवेदन करता है?जमीन की खरीद-बिक्री में खरीदार और विक्रेता को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रजिस्ट्री में शामिल होना पड़ता है।सामान्यतः नया मालिक या संबंधित व्यक्ति नामांतरण के लिए आवेदन करता है। प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
कौन से कागज काम आते हैं?Sale Deed जैसे खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात।रजिस्ट्री के दस्तावेज, विरासत या अन्य हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज और राज्य के नियमों के अनुसार मांगे गए कागजात।
किस रिकॉर्ड में बदलाव होता है?संपत्ति के पंजीकरण से जुड़ा सरकारी रिकॉर्ड तैयार होता है।जमीन के राजस्व/भूमि रिकॉर्ड में मालिक की जानकारी अपडेट होती है।
रजिस्ट्री और म्यूटेशन का संबंधरजिस्ट्री के बाद कई मामलों में भूमि रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज कराने की जरूरत पड़ सकती है।म्यूटेशन उसी बदलाव को सरकारी भूमि रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया है।
उदाहरणराहुल ने अमित से जमीन खरीदी और दोनों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Sale Deed की रजिस्ट्री कराई।रजिस्ट्री के बाद सरकारी भूमि रिकॉर्ड में राहुल का नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया म्यूटेशन कहलाएगी।
क्या म्यूटेशन केवल जमीन बेचने पर होता है?रजिस्ट्री खरीद-बिक्री के अलावा कुछ अन्य प्रकार के हस्तांतरण में भी हो सकती है।नहीं। विरासत, उत्तराधिकार, दान या अन्य वैध कारणों से मालिक बदलने पर भी म्यूटेशन हो सकता है।
क्या हर राज्य में नियम समान हैं?नहीं। रजिस्ट्री की फीस, स्टाम्प ड्यूटी और प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।नहीं। म्यूटेशन की प्रक्रिया, आवेदन का तरीका और जरूरी दस्तावेज राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं।
जमीन खरीदने के बाद क्या करें?रजिस्ट्री के दस्तावेज को सुरक्षित रखें और उसमें जमीन की सभी जानकारी सही है या नहीं जांचें।यह जांचें कि सरकारी भूमि रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम अपडेट हुआ है या नहीं।

म्यूटेशन में देरी हो रही है तो क्या करें?

  1. दोस्तों रजिस्ट्रेशन के बाद अगर आपने म्यूटेशन के लिए आवेदन किया है तो आपको कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ेगा नामांतरण पूरा होने में लगने वाला समय हर राज्य में अलग-अलग होता है।
  2. अगर आपकी जमीन पर किसी भी तरह की कोई आपत्ति या विवाद नहीं है साथ ही अगर आपने जमीन से जुड़ी सभी दस्तावेज सही-सही दिया है तो आमतौर पर एक सप्ताह से 10 दिन तक म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
  3. अगर आपने बहुत दिनों से म्यूटेशन के लिए आवेदन कर दिया है लेकिन अभी भी आपके जमीन के रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम दिख रहा है तो सबसे पहले अपने नामांतरण की स्थिति जांचें।
  4. अगर आपका आवेदन अब तक पेंडिंग दिखा रहा है तो आप अपने संबंध राजस्व विभाग में जाकर अपनी आवेदन की जानकारी ले और अगर किसी दस्तावेज की कमी के कारण आवेदन आगे नहीं बढ़ रहा है तो आप पूरे सही दस्तावेज जमा करें।
  5. यदि आपका रजिस्टर आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया है तो रिजेक्शन का कारण समझ कर दोबारा नामांतरण के लिए आवेदन करें क्योंकि नामांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर जमीन के कागजात में पुराने मालिक का नाम ही दिखेगा।

पुराने मालिक का नाम रिकॉर्ड में रहने पर क्या समस्या है

  • अगर आपके जमीन के कागज पर आपका नाम के बजाय आपके पुराने मालिक का नाम रहता है तो भविष्य में किसी भी कानूनी या राजस्व संबंधी कार्यों में आपको परेशानी हो सकती है।
  • जमीन के नाम पर बैंक से लोन मिलने या फिर किसी भी सरकारी योजना का लाभ मिलने में भी परेशानी होती है, अगर जमीन के कागज में जमीन के पुराने मालिक का नाम होता है।
  • अगर आप भविष्य में जमीन को बेचना चाहते हैं और जमीन के कागज में जमीन के पुराने मालिक का नाम है तो आप उसे जमीन को नहीं बेच सकते यह कानूनी तौर पर अपराध है।
  • ध्यान रहे दोस्तों रजिस्ट्री के बाद आप जरूर से नामांतरण करवाए ताकि जमीन पूरी तरीके से आपका नाम पर हो सके और आप उस जमीन से मिलने वाले सारी सुविधाओं का लाभ उठा सके एवं भविष्य में आपको किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

जमीन का रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद क्या देखें?

  • दोस्तों अगर आपने जमीन की रजिस्ट्री कर ली है और आपका म्यूटेशन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है एवं जमीन के कागज में आपका नाम दिख रहा है फिर भी एक बार आप जमीन के रिकॉर्ड को पूरा सही से चेक करें।
  • जमीन के कागज में केवल आपका नाम देखना ही पर्याप्त नहीं है इसके साथ आप जमीन के कागज में जमीन का क्षेत्रफल, खसरा, गाटा या सर्वे नंबर, खाता नंबर, नए मालिक का नाम इत्यादि सारी महत्वपूर्ण जानकारियां सही से चेक करें।
  • अगर जमीन के रिकॉर्ड में आपको कोई भी गलती दिखती है तो तुरंत अपने संबंधित राजस्व विभाग से संपर्क करके सुधार के लिए आवेदन करें। आप आवेदन करने में जितनी देरी करेंगे, आपको उतनी ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

निष्कर्ष

रजिस्ट्री के बाद अगर जमीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में अभी भी पुराने मालिक का नाम दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसका कारण म्यूटेशन यानी नामांतरण की प्रक्रिया पूरी न होना या आवेदन लंबित होना हो सकता है।

इसलिए रजिस्ट्री के बाद भूमि रिकॉर्ड में अपना नाम अपडेट हुआ है या नहीं, यह जरूर जांचें। अगर नाम अपडेट नहीं हुआ है, तो अपने राज्य के नियमों के अनुसार म्यूटेशन के लिए आवेदन करें और आवेदन की स्थिति भी समय-समय पर जांचते रहें।

Posted by Tushar Funde
Asked on October 4, 2026 6:26 am